मोतियाबंद के बारे में जाने – अर्थ, कारण, लक्षण, रोकथन और इलाज

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मोतियाबंद के बारे में जाने – अर्थ, कारण, लक्षण, रोकथन और इलाज

  • June 30, 2021

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आपको तुरंत ही Eye Hospital In Ludhiana के Best Eye Specialist से संपर्क करना चाहिए यदि आप निम्नलिखित किसी समस्या का समन कर रहे है:

  • दूर और पास का देखने में बहुत परेशानी होना
  • गाड़ी चलाने में दिक्कत आना
  • किसी व्यक्ति के चेहरे के भाव न पड़ पाना

यह कारण संकेत करते है की आपको शायद मोतियाबंद की समस्या है|

क्या आप जानते है?

भारत एकमात्र ऐसा देश है जहाँ पर लगभग एक करोड़ बीस लाख से भी ज्यादा लोग नेत्रहीनता से प्रभावित है| यह आंकड़ा कभी भी स्थिर नहीं रहता, अपितु यह निरंतर बढ़ता जा रहा है| एक रिसर्च के अनुसार हर साल करीबन २० लाख मामले केवल मोतियाबंद से पीड़ित लोगों के आते है| ऐसा पाया गया है कि लगभग ६५% लोग ऐसे है जिनकी नेत्रहीनता का कारण मोतियाबंद है|

क्या आप जानते है?

भारत एकमात्र ऐसा देश है जहाँ पर लगभग एक करोड़ बीस लाख से भी ज्यादा लोग नेत्रहीनता से प्रभावित है| यह आंकड़ा कभी भी स्थिर नहीं रहता, अपितु यह निरंतर बढ़ता जा रहा है| एक रिसर्च के अनुसार हर साल करीबन २० लाख मामले केवल मोतियाबंद से पीड़ित लोगों के आते है| ऐसा पाया गया है कि लगभग ६५% लोग ऐसे है जिनकी नेत्रहीनता का कारण मोतियाबंद है|

भारत में किस प्रकार मोतियाबंद के मामलों में गिरावट आई है?

इसका श्रेय केवल और केवल अत्याधुनिक मोतियाबंद की तकनीकों को जाता है जिन्होंने इसे और भी प्रभावी बना दिया है| इसका एकमात्र कारण है लोगों में मोतियाबंद सर्जरी के प्रति जागरूकता|

आखिर मोतियाबंद है क्या?

और भागों की तरह लेंस भी आँख का एक ऐसा भाग है जो की रेटिना पर लाइट को फोकस करने में सहायता करता है| हमारी आँख के पीछे एक बहुत ही संवेदनशील ऊतक है जिसे हम रेटिना कहते है| जब हमारी आंखें नार्मल होती है (यानी इनमे किसी प्रकार की कोई बीमारी नै होती) तो रेटिना को प्रकाश पारदर्शी लेंस से प्राप्त होता है| जैसे ही यह रेटिना तक पहुँचने में सफल हो जाता है, वैसे ही यह प्रकाश, प्रकाश न रह कर नर्व सिग्नल्स में बदल जाता है| यह सिग्नल्स मस्तिष्क की ओर भेजे जाते है|

क्या आप जानते है?

यदि लेंस क्लियर नहीं होगा तो रेटिना शार्प इमेज नहीं प्राप्त कर सकेगी| जैसे ही यह लेंस धुंदला हो जाता है तो लाइट स्पष्ट रूप से लेंस तक पहुँचने में असमर्थ होती है, जिससे आपको भी सब कुछ धुंदला धुंदला दिखने लगता है| और जैसे ही आपकी लेंस और लाइट में धुंदलापन बाधा बन कर उजागर होता है, उसे हम मोतियाबंद या फिर सफ़ेद मोतिया के नाम से जानते है|

किन कारणों की वजह से मोतियाबंद की समस्या उजागर होती है?

मोतियाबंद को प्रभावित करने वाला कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है| परन्तु, कुछ ऐसे फैक्टर्स जरूर है, जो की इस समस्या को बढ़ाने में अपना योगदान डालते है:

बढ़ती उम्र Age
मधुमेह Diabetes
शराब का सेवन वो भी अत्यधिक मात्रा में Excess consumption of alcohol
सूर्य का अत्यधिक एक्सपोज़र Excessive Sun Exposure
मोतियाबिंद का पारिवारिक इतिहास Family History
उच्च रक्तदाब High Blood Pressure
मोटापा Obesity
आंखों में चोट लगना Eye Injury
आँखों की सूजन Eye Swelling
पहले हुई आंखों की सर्जरी Previous Surgical History
कार्टिस्टेरॉइड मोडिकेशन का जरूर से अधिक उपयोग Excessive consumption of corticosteroid medications
धुम्रपान Smoking

लक्षण

मोतियाबंद एकदम से ही विकसित नहीं होता, अपितु धीरे धीरे यह दृष्टि को प्रभावित करता है| लेकिन समय के साथ यह आपकी देखने की क्षमता में असर महसूस करता है| इन कारणों की वजह से व्यक्ति अपनी सामान्य गतिविधियों को भी मुकम्मल करने में समस्या का सामना करता था|

दृष्टि में धुंधलापन Foggy Vision
बुजुर्गों में निकट दृष्टि दोष का निरंतर बढ़ना Progression of nearsightedness among the old age people
रंगों को देखने की क्षमता में बदलाव Changes in the ability to see the colours
रात में ड्राइविंग में दिक्कत आना Difficulty in driving particularly during the night hours
दिन के समय आँखें चैंधियाना Day Time Glare
दोहरी दृष्टि Double Vision
चश्मे के नंबर में अचानक बदलाव आना Sudden changes in the power of the lenses

किस प्रकार से आप मोतियाबंद की समस्या में रोकथाम कर सकते है?

हालाँकि डॉक्टरों के अनुसार ऐसा कोई भी प्रामाणिक तथ्य नहीं है, जिसके द्वारा मोतियाबंद को रोका जा स्का जाये| परन्तु कुछ ऐसी रणनीतियां भी है, जो की मोतियाबंद की रोकथाम में सहायता अधिक सहायता कर सकती है| यदि आप रोकथाम पर आधारित किसी लेख को ढूंढ रहे थे, तो यह निम्नलिखित लेख आपको सही जानकारी अवश्य प्राप्त करेगा:

आँखों की जाँच जब आप चालीस साल या उससे ज्यादा की उम्र के हो जाये, तो ध्यान रखें की आप निरंतर अपनी आँखों का चेक उप करवा रहे है| इससे आपको समय पर ही पता लग जायेगा यदि कोई रोग आपकी आँखों में अपने पैर पसार रहा है|
सूरज की किरणों का अधिक एक्सपोज़र यदि आप कोई ऐसी नौकरी करते है जो की आपको सारा दिन बहार रहने पर मजबूर करती है, तो आपको sunglasses का प्रयोग करना चाहिए| यदि आप उन सनग्लासेस का प्रयोग नहीं करते तो सूरज की नुक्सान पहुँचाने वाली किरणें, मोतियाबंद को बढ़ाने में समर्थन देती है|
डायबिटीज यदि आपको मधुमेह या अन्य कोई दिल से जुडी हुई बिमारी है तो यह जरूरी हो जाता की आप इस समस्या का समाधान या इलाज करवा लें, नहीं तो यह मोतियाबंद और अन्य कई आँखों की समस्या को उजागर करने में योगदान ड़ाल सकती है|
वजन का बढ़ना यदि आपका वजन तेजी से बढ़ रहा है तो यही समय है की आप वजन को नियंत्रित कर लें| यदि आप वजन को नियंत्रित करना चाहते है तो आपको बहुत साडी बातों का ध्यान रखना होगा| सबसे पहले तो यह अनिवार्य है कि आप अपने डाइट चार्ट को मॉडिफाई करें| उसके बाद आप यह तय करें की आपको किस समय कितना खाना है|
धूम्रपान और शराब का सेवन न करें जैसे की हम सब जानते है की अच्छी सेहत के लिए धूमप्रापण और तम्बाकू को छोड़ना अनिवार्य है| धूम्रपान और शराब आपके शरीर में खून का दौरा सही तरह नहीं होने देते| इस लिए यदि आप इन चीज़ों के आदि हो चुके है तो यह आपको तय करना है कि आपको नशा ज्यादा प्यारा है या आपकी आँखें|

उपचार

जब लेंस और चश्मा आपको स्पष्ट देखने में सहायता न कर सकते तो सर्जरी ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जिसके द्वारा आप मोतियाबंद जैसी समस्या को दूर क्र सकते है|

ध्यान रखें

जैसे ही आप मोतियाबंद जैसी समस्या का सामना करें, तो सर्जरी के लिए बिलकुल भी जल्दबाजी न करें| अपितु सबसे पहले आप दवाइयों की मदद से इस समस्या का सामना करें| यदि ऐसा नहीं हो पा रहा तो आपको सर्जरी की सहायता लेनी चाहिए| परन्तु यदि आप मधुमेह या किसी अन्य दिल की बिमारी से जूझ रहे है तो यह अनिवार्य है की आप सर्जरी में बिलकुल भी देरी न करें|

सामान्य सर्जिकल प्रक्रिया

सामान्य सर्जिकल प्रोसीजर में डॉक्टर मरीज की आँख में कृत्रिम लेंस को आरोपित करने के लिए प्राकृतिक लेंस को हटा देते है|

क्या आप जानते है?

ऐसे कृत्रिम लेंस को इंट्रा ऑक्युलर लेंस कहते है|

सर्जरी के पश्चात् मरीज बिलकुल सपष्ट देखने में समर्थ होता है|

परन्तु ध्यान रखें

यदि आपको पड़ना है या अन्य कोई काम करना है तो आपको निर्धारित नंबर का चश्मा लगाना ही होगा|

हम कैसे कह सकते है की मोतियाबंद सर्जरी एक रेफ्रेक्टिवे सर्जरी है?

कुछ समय पहले मोतियाबंद सर्जरी को रेस्टोरेटिवे सर्जरी कहा जाता था, परन्तु जैसे ही इस सर्जरी को मॉडिफाई किया गया वैसे ही इस सर्जरी ने करिश्मा दिखाया| न केवल यह मोतियाबंद को समाप्त करती है, अपितु धीरे धीरे चश्मे पर से आपकी निर्भरता भी बिलकुल खत्म क्र देती है|

यदि आप भी मोतियाबंद जैसी समस्या से परेशान है, तो कृपया हमे संपर्क करें| हमारे डॉक्टर्स आपको अच्छी सलाह के साथ सही इलाज भी बताएंगे|

तो किसकी प्रतीक्षा कर रहे है? अपनी अप्पोइटमेंट बुक करवाइये!