जानिए क्या है मोतियाबिंद: सामान्य प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज पंजाब में
क्या है मोतियाबिंद?
मोतियाबिंद को हम सफ़ेद मोतिया भी कहते है एंड इस स्थिति में आंखों में धुंधलापन होने लगता है | यह परस्थिति 40वर्ष से अधिक लोगो में पायी जाती है | इस परस्थिति में ध्यान रखे की आपको सही समय पर सबसे अच्छे Eye Hospital In Ludhiana को ढूंढ कर वहां के डॉक्टर को परामर्श करना चाहिए | मोतियाबिंद के अलग-अलग प्रकार निचे दिए गए है|
- सबसैप्सुलर (उप-सम्पुटी)
यह लेंस के पीछे होता है | इस प्रकार का मोतियाबिंद जो लोग स्टेरॉयड लेते है और मधुमेह वाले लोगों में अधिकतर होता है |
- न्यूक्लियर मोतियाबिंद
न्यूक्लियर मोतियाबिंद लेंस बीच में या ककेंद्रए क्षेत्र में होता है | इस प्रकार का होने का खतरा उम्र बढ़ने के साथ बढ़ जाता है |
- कॉर्टिकल मोतियाबिंद
इस प्रकार के मोतियाबिंद सफ़ेद , कील जैसी ओपेसिटी होती है जो की लेंस के एरिया से शुरू होती है और नीच में जाती है | यह एक आरा जैसा प्रतीत करता है |
मोतियाबिंद के लक्षण और संकेत
जब यह स्थिति शुरू होती है तो वह उतना प्रभाव नहीं डालती | जब आपकी दृष्टि थोड़ी थोड़ी धुंदली होने लग जाती है तो इसका मतलब यह हो सकता है की इस परिस्थति से गुज़र रहे है | इस स्थिति में आपको सूरज का प्रकाश भी बहुत ही चमकरदार लग सकता है की आप देख नहीं पाते | इसे प्रकार अगर आप रात की ड्राइव कर रहे है तो आपको कार की हेडलाइट बहुत ही चमकदार लगती है | इसके विपरीत आपको रंग आपको चमकीले नहीं दिखाई देते जितने की वह होने चाहिए | कई बार इस स्थिति में आपकी आँखों की रौशनी भी जा सकती है | यदि आपको पाकी दृष्टि में को कोई भी लक्षण मह्सूस हो रहा है तो आपकी अपनी आँखों का टेस्ट करवाके आना चाहिए |
मोतियाबिंद किन कारणों से होता है ?
बढ़ती उम्र के साथ साथ आँखों में कुछ ऐसे प्रोटीन होते है जिसमे गुच्छे बनने लग जाते है | इस परस्थिति में लेंस के हिस्से भी बदलने शुरू हो जाते है | समय के साथ आपके आँखों की परस्थिति भी बढ़ने लग जाती है | इसका मतलब यह है की आँखों में धुंधलापन भी बढ़ने लग जाते है और आपकी स्थिति ज़यादा गंभीर हो जाती है | कुछ ऐसी भी बीमारियाँ है जिनकी वजह से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है, जो की हमने यहाँ पे लिखे हुए है :
- सूर्य के प्रकाश और अन्य स्रोतों से अल्ट्रावाइओलेट रेडिएशन (पराबैंगनी विकिरण)
- डाईबिटीज़ (मधुमेह)
- स्मोकिंग (धूम्रपान)
- हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप)
- ओबेसिटी (मोटापा)
- आंख की चोट या सूजन
- कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाओं का इस्तेमाल
- कोलेस्ट्रॉल दवाओं का इस्तेमाल
- अधिक मात्रा में शराब का सेवन
- हाई मायोपिया (उच्च मायोपिया)
- पहले कभी आंख की सर्जरी
- हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी
- परिवार के इतिहास
मोतियाबिंद का उपचार :
इस स्थिति में आपकी आँखों की दृष्टि थोड़ी देर के लिए सही हो सकती है जब आप चश्मे, आवर्धन, उचित प्रकाश व्यवस्था या शक्तिशाली बाईफोकल्स का इस्तेमाल करेंगे | यदि अगर आपकी स्थिति बहुत की गंभीर है तो आपको सर्जरी के बारे में सोचना पड़ सकता है | यदि आपकी दिनचर्या बहुत ही ख़राब हो चुकी है तो आपको डॉक्टर सर्जरी के लिए कहेंगे |

